IMD Weather Forecast: 26 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में तेज बारिश

 

IMD Weather Forecast: 26 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में तेज बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 अगस्त 2026 को अगले दो सप्ताह के मौसम को लेकर विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। IMD Weather Forecast के अनुसार 13 से 26 अगस्त के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर पूर्वी भारत, मध्य भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कई दिनों तक व्यापक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी होने की संभावना है।

IMD के मुताबिक 6 से 12 अगस्त के दौरान देश में कुल बारिश सामान्य से 16 प्रतिशत कम रही। वहीं 1 जून से 12 अगस्त के बीच मानसून की कुल बारिश सामान्य से 12 प्रतिशत कम दर्ज की गई। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में कई निम्न दबाव वाले मौसम तंत्र बने, जिनके कारण कुछ राज्यों में भारी बारिश हुई।

IMD Weather Forecast: 13 से 19 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?

IMD के अनुसार 13 से 19 अगस्त के बीच पूर्वी भारत में कई दिनों तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

13 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड और ओडिशा में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली की गतिविधि भी हो सकती है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13-14 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। वहीं 15-16 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में 15 से 17 अगस्त के दौरान भी भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य भारत में भी बारिश का जोर

मध्य भारत में सप्ताह के कई दिनों तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 से 15 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 16-17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 13-14 अगस्त और 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 15 से 17 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 13-14 अगस्त तथा 16-17 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 13-14 अगस्त को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी संभावना है।

महाराष्ट्र और विदर्भ में बारिश को लेकर क्या अनुमान है?

महाराष्ट्र के लिए भी IMD का पूर्वानुमान महत्वपूर्ण है। विभाग ने बताया है कि विदर्भ में 14 से 16 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और खेती से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में किसानों को खेतों से अतिरिक्त बारिश का पानी निकालने की सलाह दी गई है। खासतौर पर धान, नाचणी और सब्जियों के खेतों में पानी जमा नहीं होने देना जरूरी बताया गया है। मौसम की स्थिति सामान्य होने तक अंतर-मशागत, खाद और पौध संरक्षण से जुड़े काम टालने की सलाह दी गई है।

विदर्भ में सोयाबीन, कपास, तुअर, ज्वार, मक्का, धान और सब्जियों की नर्सरी तथा बागों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में भी बारिश

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सप्ताह के कुछ दिनों में व्यापक बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में 14 अगस्त और 17-18 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 14 अगस्त तथा 16-17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर-पूर्वी भारत में भी कई दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 13 से 17 अगस्त तक तथा तटीय कर्नाटक में 13 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।

20 से 26 अगस्त के बीच फिर बन सकता है नया मौसम तंत्र

दूसरे सप्ताह यानी 20 से 26 अगस्त के दौरान भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम है। IMD के अनुसार करीब 19 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी के उत्तर में एक नया ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से करीब 20 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है।

इसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कई दिनों तक हल्की से मध्यम और व्यापक बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश तथा जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश की संभावना है।

उत्तर-पूर्वी और पूर्वी भारत में भी बारिश जारी रह सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, पश्चिम बंगाल-सिक्किम और ओडिशा में कई दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में भी कुछ या कई दिनों तक व्यापक बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD के अनुसार दूसरे सप्ताह में देश की कुल बारिश सामान्य से सामान्य से कम रह सकती है।

तापमान और Heat Wave को लेकर राहत

बारिश के बीच तापमान को लेकर बड़ी राहत है। 13 से 19 अगस्त के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और उत्तर-पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। देश के बाकी हिस्सों में तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है।

IMD ने स्पष्ट किया है कि 13 से 19 अगस्त के दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीट वेव की संभावना नहीं है। 20 से 26 अगस्त के दौरान भी किसी हिस्से में हीट वेव की संभावना नहीं बताई गई है।

भारी बारिश के बीच IMD की सावधानी की सलाह

IMD ने भारी बारिश के दौरान लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और हालात बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है। बिजली गिरने की आशंका के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने और पानी के स्रोतों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली से अलग रखने की भी सलाह दी गई है।

भारी बारिश और तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, कमजोर मकानों और सड़कों को नुकसान हो सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है। कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन, कम दृश्यता और सड़क-रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना भी बताई गई है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

IMD ने कई राज्यों के किसानों के लिए अलग-अलग कृषि मौसम सलाह जारी की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, जलभराव वाले खेतों में बुवाई या रोपाई को टालने और तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में सब्जियों, केले और अन्य बागवानी फसलों को सहारा देने की सलाह भी दी गई है।

पशुपालकों को भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने और चारे को सुरक्षित एवं सूखी जगह पर रखने की सलाह दी गई है। मछली पालन वाले क्षेत्रों में तालाबों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए उचित निकासी व्यवस्था रखने को कहा गया है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, IMD Weather Forecast के अनुसार 26 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं। पहले सप्ताह में पूर्वी और मध्य भारत में भारी बारिश प्रमुख रहेगी, जबकि दूसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित निम्न दबाव क्षेत्र बारिश को बढ़ा सकता है। महाराष्ट्र के विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों के लिए भी बारिश को देखते हुए सतर्क रहने और किसानों को जलनिकासी पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।




***

Followers